
रिवालसर (मंडी)। रिवालसर क्षेत्र के कोठी गैहरी और सिहल गांवों में लोगों को पिछले दो सप्ताह से भारी पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। इन गांवों के लिए विभाग द्वारा गंभर खड्ड पर बनी उठाऊ पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन इस योजना से वर्तमान समय में लोगों को पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। ऐसे में लोग पानी के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
क्षेत्र के कई प्राकृतिक पेयजल स्रोत सूखने की कगार पर हैं। इस कारण यहां पेयजल संकट ने विकराल रूप ले लिया है। समस्या को लेकर लोग सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इससे क्षेत्रवासियों में विभाग के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। स्थानीय केसर सिंह, सरस्वती, धनदेव, ओम प्रकाश, लक्ष्मी देवी, बीना देवी आदि का कहना है कि पेयजल स्रोत सूख जाने से विभागीय सप्लाई ही उनके पास विकल्प है, लेकिन दो सप्ताह से विभागीय सप्लाई भी नहीं आ रही है। ने चेताया है कि यदि शीघ्र पेयजल आपूर्ति सुचारू नहीं की गई तो ग्रामीण खाली बर्तन लेकर विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। उधर, समस्या पर विभागीय सहायक अभियंता संतोष शर्मा का कहना है कि पानी क्याें नहीं आ रहा है, इस मामले की छानबीन की जाएगी। लोगों की समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा।
सिमस पंचायत में सात दिन से पेयजल आपूर्ति नहीं
लडभड़ोल (मंडी)। प्रचंड गरमी के चलते तहसील क्षेत्र के कई गांवों में पेयजल समस्या गहराने लगी है। सिमस पंचायत में पानी की आपूर्ति न होने से ग्रामीण काफी परेशानी झेल रहे हैं।
सिमस पंचायत की प्रधान सलोचना देवी, उपप्रधान ब्रह्म देव, राकेश जसवाल, सूबेदार रमेश चंद, संजय कुमार व प्रेम सिंह ने बताया कि सिमस पंचायत में लोगों को आज सातवें दिन पानी मिला है। पंचायत में पानी की समस्या से लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। राकेश जसवाल ने बताया कि रणा स्कीम का पानी सिमस नहीं पहुंच रहा है। इस कारण यह पेयजल समस्या आ रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा करोड़ों खर्च करने के बावजूद सिमस पंचायत के लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। पंचायत के लोगों ने सरकार से सिमस के लिए अलग योजना बनाने की मांग की है।
आईपीएच के सहायक अभियंता पीसी वर्मा ने बताया कि यह समस्या ट्रांसफर की वजह से आ रही है। विभाग ने लडभड़ोल और जोगिंद्रनगर के लिए एक ही पंप हाउस बनाया है। इसमें आठ मोटर जोगिंद्रनगर व चार मोटर लडभड़ोल के लिए लगाई गई हैं। वोल्टेज कम होने के कारण यह समस्या हो रही है। उधर, बिजली बोर्ड के एसडीओ दिनेश धरवाल का कहना है कि स्टेज वन में 63 केवीए का ट्रांसफर लगाया गया है। दूसरी स्टेज में 250 केवीए का ट्रांसफर लगना है
